कोई तमन्ना मेरे दिल में संभल गई है ,
मेरे ख्यालों में अब तुम्हारा दबाव कम है ।
नज़र की मैली नफरतों से ढक चुका हूँ ,
बह रहा था जो हद से ज्यादा लगाव कम है ।
हज़ार मोडों में मुड़ के मैंने देख लिया है ,
मेरी सड़क में अब तुम्हारा रिसाव कम है ।
हर एक मौसम खिजा का मौसम मेरे शहर में ,
मेरी वज़ह में अब तुम्हारा झुकाव कम है ।
very nice....
ReplyDeletereally its tooooooooooooooooooooooooooo good i like this one
ReplyDeleteThanks Guys
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