बस एक बात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं ,
जज़्बात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं ।
रुख़सती रुख़ में दिखाई देने लगे जब ,
कुछ तो मालूमात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं ।
ये कुछ खासमखास का पहरा है और कुछ भी नहीं ।
एक मुलाक़ात में कौन किसी का होता है ,
कुछ मुक़म्मल हुआ है और कुछ भी नहीं ।
दायरे दायरों में रहने दो ,
फ़ासलों का फैसला है और कुछ भी नहीं ।
अक्षय बाफिला .

