Thursday, November 29, 2018

बस एक बात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं .


बस एक बात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं ,
जज़्बात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं ।

रुख़सती   रुख़   में  दिखाई  देने  लगे   जब ,
कुछ तो मालूमात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं ।

किसके कहने से ज़माने ने बदले हैं अपने तेवर ?
ये कुछ खासमखास का पहरा है और कुछ भी नहीं ।

एक मुलाक़ात में कौन किसी का होता है ,
कुछ मुक़म्मल हुआ है और कुछ भी नहीं ।

दायरे    दायरों     में     रहने     दो ,
फ़ासलों का फैसला है और कुछ भी नहीं ।

अक्षय बाफिला .
बस एक बात का झगड़ा है और कुछ भी नहीं

Tuesday, November 27, 2018

अलविदा मोहम्मद अज़ीज़ साहब । 1954 - 2018

मोहम्मद अज़ीज़ साहब सबके अज़ीज़ थे । 19s के supardupar हिट गानों में उनका नाम दर्ज है उनकी आवाज़ दर्ज है । आज भी उनकी आवाज़ में वही रवानगी थी । उनके गाये गाने कोई कभी भी नहीं भूल सकता । उन्होंने ' प्यार हमारा अमर रहेगा ' ' तेरी बेवफाई का शिकवा ' ' फूल गुलाब का ' 'My name is lakhan' जैसे और भी कई सुपर हिट गाने हिंदी फिल्म जगत को दिये । जो आज भी आम जनता के दिलों में बसे हुए हैं । बहुत दुःखद है के 27 नवम्बर 2018
को हमने संगीत जगत के इस हीरे को खो दिया । लेकिन उनकी आवाज़ हमेशा हमारे दिलों में राज़ करेगी ।
आपकी आवाज़ को सलाम , आपको सलाम । अलविदा अज़ीज़ साहब ,

आप सबके अज़ीज़ थे ।
आप सबके अजीज़ रहेंगे ।

* अक्षय बाफिला *

Monday, November 26, 2018

आजकल वो बिल्कुल भी सफ़ाई नहीं देता

कभी मौजूद होता है कभी दिखाई नहीं देता ,
आजकल वो बिल्कुल भी सफ़ाई नहीं देता ।
मानता हूं के छुपा छुपा के कहीं रक्खा है,
एहसास दिल का वैसे भी कभी दिखाई नहीं देता ।

आजकल वो बिल्कुल भी सफ़ाई नहीं देता 
चुप में भी कई बार हमने बहुत शोर सुना है ,
अब शोर है इतना के चुप सुनाई नहीं देता ।

आज़ाद पंछी को आजमाने निकल पड़े हो तुम ,
मगर आसमान कभी किसी की सफाई नहीं देता ।

अक्षय बाफिला