मैं घर बनाऊंगा
एक एकड़ आसमान लेकर
घर में सपनों की चिनाई बहुत पक्की होगी
उन्हें हकीकत नही होने दूंगा
नही तो दीवार टूट जायेगी
घर बिखर जाएगा ।
मैं घर बनाऊंगा
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| एक एकड़ आसमान लेकर |
एक एकड़ आसमान लेकर ।
हवावों सा रंग ही सही है दीवारों पर ,
सन्नाटों के दरवाज़े , खिड़की
सब अच्छे तो लगेंगे
प्रियतम तुम रहोगे ना संग मेरे
मैं घर बनाऊंगा
एक एकड़ आसमान लेकर ।
तुम कविता
तुम सुर
तुम चित्र हो एक उजाले सा
में तुमको सजाऊंगा घर में
हर कोना कोना सजा रहे
हर स्वप्न सलोना बचा रहे
में स्वप्न सजाऊंगा
एक अँधेरी रात को लेकर
हाँ में घर बनाऊंगा
एक एकड़ आसमान लेकर ।
अक्षय बाफिला।

a real truth about true love
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