Wednesday, December 22, 2010

धर्म

जिस जगह मैं रहता हूँ
रोज़ सुबह अज़ान की आवाज़ सुनाई देती है
अल्लाह की याद आ जाती है
इधर मेरा धर्म बोलता है
रोज़ मंदिर क्यूँ नही चले जाते
लेकिन मुझे कोई याद ही नही दिलाता
मेरे गुरु बोलते हैं
बहुत जल्द ईसा मसीह आने वाले हैं धरती पर
फिर ये दुनिया बदल जाएगी
लेकिन कब तक
उसका कुछ पता नही है
बहुत धर्मों का बोलबाला है यहाँ
मैं जानता हूँ तुम्हें भी एक मौका चाहिए.
फिर तुम भी उपदेश दिया करोगे
और मैं सुन नही पाऊँगा !

अक्षय बाफिला।
धर्म

2 comments:

  1. bahut khoobsurt
    mahnat safal hui
    yu hi likhate raho tumhe padhana acha laga

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  2. बहुत बहुत धन्यवाद संजय जी...

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