जज़्ब जज़्बात बदलने लगे हैं ,
अबके हालात बदलने लगे हैं।
वो तो ख्वाहिश में रूठ जाता है ,
अब के ख्वाहिश बदलने लगे हैं।
हम रहें या न रहें खुद में ,
तुम में खुद को बदलने लगे हैं।
एक तस्वीर पुरानी दिखाई देती है ,
नयी तस्वीर में जब से ढलने लगे हैं।
आसमान इतना खुला कभी भी न था ,
ज़मीं में बादलों से लड़ने लगे हैं।
अक्षय बाफिला।
अबके हालात बदलने लगे हैं।
वो तो ख्वाहिश में रूठ जाता है ,
अब के ख्वाहिश बदलने लगे हैं।
हम रहें या न रहें खुद में ,
तुम में खुद को बदलने लगे हैं।
एक तस्वीर पुरानी दिखाई देती है ,
नयी तस्वीर में जब से ढलने लगे हैं।
आसमान इतना खुला कभी भी न था ,
ज़मीं में बादलों से लड़ने लगे हैं।
अक्षय बाफिला।

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