कभी मौजूद होता है कभी दिखाई नहीं देता ,
आजकल वो बिल्कुल भी सफ़ाई नहीं देता ।
मानता हूं के छुपा छुपा के कहीं रक्खा है,
एहसास दिल का वैसे भी कभी दिखाई नहीं देता ।
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| आजकल वो बिल्कुल भी सफ़ाई नहीं देता |
चुप में भी कई बार हमने बहुत शोर सुना है ,
अब शोर है इतना के चुप सुनाई नहीं देता ।
आज़ाद पंछी को आजमाने निकल पड़े हो तुम ,
मगर आसमान कभी किसी की सफाई नहीं देता ।
अक्षय बाफिला
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